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Friday, December 19, 2025

कहानी

इक कहानी सुनाना चाहता हूँ,
अपनी ज़ुबानी सुनाना चाहता हूँ,
इक क़िस्सा पुराना याद आ गया,
वह गुज़रा ज़माना याद आ गया,
किसी के दर्द में अपने दर्द जाग उठे,
किसी के दर्द में अपना फ़साना याद आ गया।
©® दिवाकर 'मुसाफ़िर' गर्ग 


Saturday, September 27, 2025

मुसाफ़िर

मुसाफ़िर हूँ, चलता हूँ, मंजिल की तलाश में,

मुसाफ़िर हूँ, भटकता हूँ, रुकता हूँ, सँभलता हूँ,

नए हौंसले रोज़ मुझे आगे बढ़ाते हैं, हर वक्त एक एहसास दिलाते हैं,

मुसाफ़िर हूँ, चलता हूँ, गिरता हूँ, थमता हूँ,

मुसाफ़िर हूँ अपनी मंज़िल में ख़ुद को ही पाता हूँ |

©® दिवाकर 'मुसाफ़िर' गर्ग 

Thursday, September 25, 2025

कहानी

हर रोज़ इक नयी कहानी बुनता हूँ,
हर रोज़ इक नयी कहानी सुनता हूँ,
हर कहानी में दर्द दबा रहता है, 
ज़िंदगी जीने का इक तर्ज़ दबा रहता है।

 ख़ामोश हूँ मैं सब सुनता हूँ,
अपने बिखरे सपनों को चुनता हूँ,
हर रोज़ इक नयी कहानी बुनता हूँ,
हर रोज़ इक नयी कहानी सुनता हूँ।

लफ़्ज़ नहीं ब्यान कर सकते ऐसे ख्याल हैं,
किसी की ज़िंदिगी जीने का ढंग,
किसी के दर्द भरी आहों को सुनता हूँ,
हर रोज़ इक नयी कहानी बुनता हूँ,
हर रोज़ इक नयी कहानी सुनता हूँ।

By दिवाकर 'मुसाफ़िर' गर्ग™©

Sunday, June 30, 2024

एक हिस्सा

बहुत देर से दर्द दिल में दबाया है,

किसी को बहुत दूर दुनिया से दिल में छुपाया है,

लफ़्ज़ों में ब्यान हो ऐसा यह इश्क़ नहीं,

पल पल इसे अपने दिल का लहू पिलाया है । Diwakar 


Happy birthday Son

Sunday, August 16, 2020

Baarish

ये बारिश मेरे अश्कों जैसी है... 
मेरे मायूस दिल के कोने में रहती है... 
दिल भर आने से ये बरसती है .... 
आँख भर आने पे ये बरसती है ...
ये बारिश मेरे अश्कों जैसी है...